Satka Matka | Fatest Matka Results | Matka Guessing | Kalyan Satta Matka | Matka Chart

Satka Matka | Fatest Matka Results | Matka Guessing | Kalyan Satta Matka | Matka Chart:- भारत में खेलों का जूनून तो प्राचीनकाल से ही सर चढ़ कर बोल रहा है। यहाँ पर खेलों के बिना तो हम अपने जीवनकाल की कल्पना भी नहीं कर सकते है। भारत में अनेकों प्रकार के खेल है। जिनमें कईं खेल तो पूर्ण रूप से सुरक्षित व् कानूनी रूप से सही है। किन्तु कईं ऐसे भी खेल है, जो की क़ानून की दृष्टि से गैर व असुरक्षित है। इसलिए इस प्रकार के खेल क़ानून की नजरों से बचकर खेला जाता है।

ऐसे खेलों के बारे में रोचक बात यह है कि, गैर-कानूनी होने के बावजूद ये खेल भारत के साथ-साथ पूरे विश्व में बहुत ही बड़े स्तर पर खेला जाता है। तो अगर आप भी सटका मटका खेल के बारे में विस्तार से जानकारी लेना चाहते है तो इस लेख को पूरा पढ़े। इस लेख में आपको सटका मटका खेल के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त होगी। तो चलिए शुरू करते है:- Satka Matka | Fatest Matka Results | Matka Guessing | Kalyan Satta Matka | Matka Chart

सटका मटका क्या है? (What is Satka Matka in Hindi?)

सटका मटका (Satka Matka), यह एक प्रकार का जुआ होता है। सीधे शब्दों में आप इसे जुआ का राजा भी कह सकते है। यह जुआ एक बहुत ही विशाल पैमाने पर फैला हुआ है और खेला भी जाता है।

जानकारी के लिए आपको पहले ही बता दूँ कि सटका मटका भारत में पूर्ण रूप से गैर-कानूनी है। इसके बावजूद भी इसका कार्य क्षेत्र भारत में बहुत ही विशाल पैमाने पर फैला हुआ है।

सटका मटका (Satka Matka) जुआ के गैर-कानूनी खेल होने के कारण यह खेल कानूनी की निगाहों से पूरी तरह से बचकर खेला जाता है। सटका मटका एक खतरनाक खेल है और इस खेल में बहुत अधिक जोखिम है।

लेकिन इस खेल में जोख़िम से ज्यादा लाभ होने के कारण लोग इस खेल की तरफ आकर्षित होते है। प्राचीन काल में अधिकांश लोग सटका मटका खेल को खेलते थे। इस खेल को पुरुष ही नहीं बल्कि स्त्रियां और गृहणियां भी खेलती थी और सट्टा मटका (Satta Matka) खेल पर पैसे लगाती थी।

सटका मटका खेल की शुरुआत कब हुई? (When did the game Satka Matka begin?)

सटका मटका (Satka Matka) कोई नया खेल नहीं है। बल्कि यह एक बहुत ही प्राचीन खेल है, जो कि भारत की स्वतंत्रता से पहले से चला आ रहा है। प्राचीनकाल में सटका मटका (Satka Matka) खेल पारम्परिक तरीके से खेला जाता था। लेकिन आज 21वीं सदी के समय में तकनीकी काल है।

जहाँ पर सभी कार्य अपने फोन व कम्प्यूटर के माध्यम से ही पूर्ण हो जाता है। इसी प्रकार से सटका मटका (Satka Matka) खेल भी आज के समय में सबसे अधिक ऑनलाइन ही खेला जाता है। प्राचीन काल में सटका मटका खेल ऑनलाइन नहीं खेला जाता था।

उस समय एक मटके के अंदर कईं पर्चियां डाली जाती थी और उसमें से एक पर्ची निकाल कर उसका नंबर निकला जाता था। तो कुछ इस प्रकार से प्राचीन काल में पारम्परिक तरीके से सटका मटका (Satka Matka) खेल खेला जाता था। खेल में मटके का प्रयोग होने के कारण इस खेल का नाम सटका मटका रखा गया था। शुरुआत के समय में सट्टा, कॉटन के दाम पर खेला जाता था।

यह न्यूयॉर्क कॉटन एक्सचेंज से टेलीप्रिंटर के जरिए बॉम्बे कॉटन एक्सचेंज भेजा जाता था। उस समय में कॉटन के शुरु होने और बंद होने के दाम पर सट्टा खेला जाता था। सटका मटका खेल 90 के दशक में बहुत ही अधिक लोकप्रिय था। लेकिन आने वाले समय में धीरे-धीरे सटका मटका खेल की लोकप्रियता कम हो गई। इस खेल की लोकप्रियता कम होने के कईं कारण थे।

90 के दशक के बाद सटका मटका खेल की लोकप्रियता कम होने के कारण क्या है?

इस खेल की लोकप्रियता कम होने के कारणों में से एक कारण है:- लोगों के पास सटका मटका खेल खेलने के अलावा कई विकल्प मौजूद थे। जहाँ वो पैसे लगा कर अच्छा मुनाफा कमा सकते थे। अन्य जगहों पर लगने वाला समय सटका मटका (Satka Matka) की तुलना में कम होता है।

कम समय में ज्यादा मुनाफा कराने वाले खेलों की तुलना में सटका मटका अपनी लोकप्रियता खोता गया। सटका मटका खेल की लोकप्रियता कम होने का एक कारण भी यह था कि इस खेल को भारतीय समाज के लोगों के द्वारा एक बुरी आदत माना जाता था।

इसीलिए यह कानूनी रूप से सही व सुरक्षित खेल नहीं था। इसका अर्थ है कि यह खेल भारत में प्रतिबंधित और अवैध है। कोई भी व्यक्ति सरेआम सटका मटका (Satka Matka) नहीं खेल सकता है। क्योंकि भारत सरकार और नियम इस खेल को खेलने की इजाज़त नहीं देती है।

सटका मटका खेल का परिणाम (Satka Matka Results)

अगर कोई व्यक्ति इस खेल के संचालन में लिप्त पाया जाता है, तो उस व्यक्ति पर इससे जुड़ी कार्रवाई की जाती है। इसको सट्टे का ही एक प्रकार माना जाता है। “सट्टेबाजी” एक तरह से ऐसा खेल है। जहाँ पर सिर्फ दो चीज़ें ही मुमकिन है।

या तो आप इस खेल को जीत जाते है। या फिर आप अपना लगाया हुआ सारा पैसा इस खेल को हार कर खो देते हैं। सटका मटका खेल को आमतौर पर किस्मत के खेल के रूप में जाना जाता है। यह बात एक हद तक सही भी है। लेकिन एक खिलाड़ी पुराने आंकड़ों का अच्छे तरीके से अध्ययन करके आगे आने वाले नम्बरो का पता कर सकता है।

एक व्यक्ति के लिए गणित की अच्छी समझ और उसके सोचने की क्षमता उसके लिए सटका मटका खेल में वरदान साबित हो सकती है। इस खेल को जीतने के लिए और बड़ी रकम हासिल करने के लिए खिलाड़ी को निश्चित रूप से उसके पक्ष में एक बहुत ही अच्छी किस्मत की आवश्यकता होगी।

लेकिन आपको पता होना चाहिए कि सटका मटका (Satka Matka) केवल अकेले भाग्य का खेल नहीं है और भाग्य उसको सटका मटका खेल में बड़ा मुनाफा जीता दे। लेकिन ऐसा नहीं होता है। बल्कि इसके लिए व्यक्ति को अपने दिमाग की भी उतनी ही अधिक आवश्यकता होगी जितनी की भाग्य की।

खिलाड़ी अगर पहले से सभी पूर्व के सारे परिणाम देख कर आगामी रुझानों की संख्या को तय करने में इस्तेमाल कर सकता है। एक व्यक्ति को सटका मटका खेल में जीतने के लिए अपनी बुद्धि का उपयोग करना अनिवार्य है।

सटका मटका ऑनलाइन कैसे खेला जाता है? (How is Satka Matka played online?)

21वीं सदी के इस तकनीक विकसित समय में लगभग सभी लोग ऑनलाइन ही सटका मटका (Satka Matka) खेल खेलते है। सटका मटका खेल को ऑनलाइन खेलने के लिए लोग वेबसाइट व एप्लीकेशन का उपयोग करते है।

जैसा कि आप जानते है कि सटका मटका खेल एक गैर-कानूनी खेल है। लेकिन इसके बावजूद लोग इस खेल को एक व्यापार बना रखे है। इस खेल को लोग लाखों-करोड़ों की संख्यां में चोरी-छिपे खेलते है। इस खेल को खेलने के लिए अनेकों नम्बरों में से एक ख़ास नंबर चुनना पड़ता है और उस ख़ास नंबर पर दांव लगाना पड़ता है।

अगर आपका चुना हुआ नंबर सही है तो आपको इस खेल का विजेता घोषित किया जायेगा। इस खेल के विजेता को सट्टा किंग कहा जाता है। जीत की ईनाम के रूप में विजेता को बहुत अच्छा-ख़ासा पैसा दिया जाता है।

सटका मटका खेल की शुरुआत किसने की? (Who started the game of Satka Matka?)

Kalyan Matka

आपको बता दूँ कि भारत में अनेकों प्रकार के सटका मटका खेल है। जिनमें ‘कल्याण’ और ‘वर्ली’ सटका मटका (Satka Matka) सबसे अधिक प्रसिद्द है। कल्याण मटका (Kalyan Matka) की शुरुआत कल्याणजी भगत ने सन 1962 में की थी।

कल्याणजी भगत गुजरात के रहने वाले थे। पेशे से वह एक किसान थे। कल्याण मटका इतना अधिक प्रसिद्द है कि यह सप्ताह के सातों दिन खेला जाता है और सातों दिन इस खेल में पैसा लगाया जाता है।

Varli Matka

इसके अलावा अगर वर्ली मटका की बात की जाए तो, वर्ली मटका (Varli Matka) की शुरुआत सन 1964 में रतन खत्री ने की थी। वर्ली मटका सप्ताह में सिर्फ पाँच दिन ही खेला जाता है। ये पाँच दिन सोमवार से शुक्रवार तक के होते है। वर्ली मटका खेल को ऑनलाइन भी खेला जाता है।

इस खेल का मुख्य केंद्र मुंबई, महाराष्ट्र में स्थित है। वर्ली मटका खेल में कईं ऐसे शब्दों का प्रयोग किया जाता है। जिनके अर्थ की जानकारी प्रत्येक उस व्यक्ति को चाहिए, जो इस खेल को खेलता है। इस खेल में प्रयोग होने वाले सभी शब्द और उनके अर्थ नीचे सारणी में दिए गए है।

शब्द अर्थ
मटका प्राचीन काल में पर्ची डालने के लिए प्रयोग होने वाला पात्र
सिंगल 0-9 के बीच की कोई भी संख्या
जोड़ी/पेयर 00-99 के बीच की कोई भी संंख्या
पत्ती/पन्ना तीन नंबरों की संख्या
ओपन रिजल्ट/क्लोज रिजल्ट मटका जुएं का नतीजा
बेरिज जोड़ी के कुल जमा के अंतिम अंक

सटका मटका खेलने के लिए प्रयोग होने वाली वेबसाइट और एप्लीकेशन (Website and Application Used to Play Satka Matka)

बाजार में कईं ऐसी वेबसाइट और एप्लीकेशन मौजूद है। जिनके द्वारा सटका मटका खेला जाता है। ऐसी वेबसाइट और एप्लीकेशन सटका मटका खेल के परिणाम भी घोषित करती है और इस प्रकार की वेबसाइट और एप्लीकेशन सटका मटका खेल खेलने के लिए सुझाव और जानकारी भी प्रदान करती है।

इन सभी के अलावा कईं ऐसी वेबसाइट और एप्लीकेशन भी मौजूद है, जो कि सटका मटका खेल के नतीजों का पहले ही आंकलन करती है। ऐसी वेबसाइट परिणाम वाले नम्बरों को परिणाम घोषित होने से पहले ही खोल देती है। सटका मटका (Satka Matka) की वास्तविक वेबसाइट पर सटका मटका खेल के परिणाम तत्काल ही घोषित किये होते है।

इसके अतिरिक्त सटका मटका खेल खेलने के लिए एप्लीकेशन की लिंक भी दी जाती है। इन वेबसाइट पर प्रत्येक सट्टा मटका खेल खेलने का समय लिखा होता है। जैसे कि वह खेल किस समय में और कब तक खुलेगा और क्या नतीजा आ सकता है आदि। इसके अलावा विशेषज्ञ और नतीजों का अनुमान लगाने का भी पूर्ण रूप से प्रबंध होता है।

सट्टा खेलने के दुष्प्रभाव

सटका मटका खेल एक गैर-कानूनी खेल है और इस खेल को खेलना एक बुरी आदत है। एक अच्छे व्यक्ति के लिए इस बुरी आदत से दूर रहने में ही भलाई है। यह एक ऐसी लत है जो पूरे परिवार को तबाह कर देती है।

जब तक आपको सटका मटका (Satka Matka) फायदा पहुंचाता है। तब तक तो सब कुछ सही चलता है। लेकिन जैसे ही इससे आपको नुकसान होने लगता है। उसके बाद आप धीरे-धीरे तनाव व चिंता के शिकार होने लगते हैं। इसके चलते आप परिवार से दूर होने लगते हैं।

इस खेल को खेलने वाले मनुष्य की प्रवृत्ति ऐसी हो जाती है कि उसे कुछ भी सही या गलत समझ में नहीं आता है। उसकी बस एक ही ख्वाइश होती है कि वह किसी भी स्थिति में सिर्फ पैसे ही कमायें।

सट्टा खेलने से बचने के उपाय

सट्टे से दूर रहना बेहद ही अधिक ज़रूरी है। सटका मटका खेल से दूर रहने के लिए आपको ज़्यादा से ज़्यादा खुद को व्यस्त रखने की आवश्यकता है। अपने परिवार को समय देना सबसे ज़्यादा महत्वपूर्ण है। भिन्न-भिन्न परिस्थितियों से निपटने की कोशिश करें। आप अपने मन को अशांत नहीं होने दें।

सब कुछ जल्दी पाने की प्रवृत्ति का त्याग करें। इससे आप सट्टा खेलने की लत से दूर रहेंगे और अगर आपको सट्टा खेलने की लत लगी हुई है तो आपकी वह लत भी बड़ी आसानी से छूट जाएगी। आपकी एक छोटी कोशिश काफ़ी कारगर साबित हो सकती है।

सटका मटका खेल खेलने का कानून

सटका मटका (Satka Matka) खेल के लिए मूल रूप से कानून ब्रिटिश काल में ही बन गया था। उस क़ानून का नाम Public Gambling Act 1867 था। इस क़ानून के तहत देश में सट्टा खेलना गैरकानूनी है।

पहली बार जुआ खेलते हुए पकड़े जाने पर 100 से 300 रुपए तक का ज़ुर्माना लग सकता है और एक महीने की जेल की सज़ा का प्रावधान है। एक बार से ज़्यादा बार पकड़े जाने पर ज़ुर्माने की रकम 200 से 500 रुपए तक हो जाती है और 6 महीने की सज़ा का भी प्रावधान है।

अस्वीकरण (Disclaimer)
इस खबर का उद्देश्य सिर्फ आपको खबरों से अपडेट रखना है। हम किसी भी तरह से सट्टा/ जुआ या इस तरह की गैर-कानूनी गतिविधियों को प्रोत्साहित नहीं करते हैं।

अंतिम शब्द (Conclusion)

अंत में आप सभी से सिर्फ इतना कहना चाहता हूँ कि अगर आपको हमारा यह Satka Matka लेख पसंद आया है तो इसको अपने मित्रों के साथ फेसबुक, व्हाट्सएप्प, इंस्टाग्राम पर जरूर साझा करें। इससे वे सभी भी इस महत्वपूर्ण जानकारी का लाभ प्राप्त कर पाएंगे।

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